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Top 8 Teaching Skills in Hindi

कुछ लोगों को लगता है की स्टूडेंट्स की एक class को पढ़ाना बहुत ही आसान काम होता है। लेकीन उनकी सोच से ज्यादा मुश्किल काम है। उसके लिए ना सिर्फ आपको अलग-अलग सब्जेक्ट की जानकारी होनी चाहिए। बल्कि स्टूडेंट की एक बड़ी group को संभालने के लिए और भी कई तरीके का हुनर होना चाहिए। 

ऐसी अलग-अलग हुनर की तब ज्यादा जरूरत पड़ जाती है जब विषय बहुत ही interesting ना हो, जब आपमें ये नई Teaching Skills होती है, तब यह आपके लिए आसान हो जाता है। “शिक्षण एक कला है” इसके लिए बहुत धैर्य, विषय पर अच्छी पकड़ और सबसे जरूरी सही तरीके से उस ज्ञान को बच्चों को दे पाने की कला की आवश्यकता होती है। 

तो चलिए जानते हैं ऐसे कई सारी Teaching Skills जिसे ध्यान में रखकर आप अपने Teaching Skills Ability को और भी अच्छा बना सकते हैं और मैं आपको Top 8 Teaching Skills के बारे में मैं आपको इस लेख में बताऊंगी। 

मैं आपको ऐसे कई तरीके बताऊंगी जो आप अपने स्टूडेंट के favorite teacher बन सकते हैं इसलिए इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें तो चलिए सबसे पहले यह जानते हैं कि teaching के लिए skills की जरूरत क्यों है। 

teaching के लिए skills की जरूरत क्यों है? 

किसी भी काम को करने के लिए हुनर की जरूरत होती है। अगर आप में extra talent है तो आप अपने काम को बाकी लोगों के मुकाबले ज्यादा अच्छे तरीके से कर सकते हैं। 

हर field में इस extra talent की जरूरत होती है जिसे skills कहा जाता हैं। इसी तरह Teaching के field में skills की जरूरत होती है। आपके पास जितना ज्यादा हुनर होगा students उतना ज्यादा आपको पसन्द करेंगे और इच्छुक होंगे और अब जानते हैं वह कौन-कौन से तरीके हैं जिनसे आपके Teaching Skills में विकाश होगा। 

Top 8 Teaching Skills :

1• Communication Skills

Teaching का सबसे बड़ा हिस्सा होता है communication,यह किसी भी तरीके का हो सकता है। जैसे- लिखकर, बोलकर या चिन्हों के जरिए टीचर को अपने जरिए communication skills को बेहतर करना होता है, ताकि आसानी से स्टूडेंट को उनकी बात समझ में आ जाए। 

इसके साथ ही काबिल teacher उसे कहा जाता है जो स्टूडेंट की समस्याओं को समझे और उसे सुलझाने में उनकी मदद करें, चाहे वह समस्या व्यक्तिगत हो या पढ़ाई से जुड़ी हो, टीचर को हर तरीके की समस्याओं को बच्चों के सामने अच्छे से सुलझा कर उन्हें बताना चाहिए।

2• आत्मविश्वास से भरा रहना ( To be confident)

एक टीचर को हमेशा आत्मविश्वास से भरा हुआ होना चाहिए। उसे हमेशा शांत और professional होना चाहिए, चाहे वह कितना भी थका और परेशान क्यों ना हो क्योंकि टीचर की personality की छाप ही उसके स्टूडेंट पर पड़ती हैं। 

एक आत्मा विश्वास से भरा हुआ टीचर ही self confidence अपने बच्चों के अंदर ला सकता है। 

3 स्टूडेंट्स को मोटिवेट करना और फिर फीडबैक देना (motivate students and give feedback)

टीचर को चाहिए कि समय-समय पर अपने बच्चों को motivate करें। 

अब motivate करने में दो चीजें शामिल है :

•एक तो किसी भी काम के लिए प्रोत्साहित करने की तुम यह काम कर सकते हो और किसी भी काम में कमी रह गई हो तो gauid करना और बताना कि यहां यहां पर क्या गलत है और उसे कैसे सुधारा जा सकता है। ताकि आगे से गलती ना हो यह दोनों चीजें ही motivational में शामिल है। 

•स्टूडेंट के हर creative काम के लिए उसे feedback देना चाहिए, चाहे वह काम सही हो या गलत हो इससे स्टूडेंट motivate होते हैं और ज्यादा बेहतर काम करने के लिए इच्छुक होते हैं। 

•इससे दो फायदे हो सकते हैं की पहली बच्चे अगर गलती करते हैं और आप उसे फ़ीडबैक देते हैं,तो आगे से ध्यान रखते हैं कि यह गलती दोबारा ना हो और कोशिश करते हैं कि इससे ज्यादा बेहतर काम कर सके।   

•दूसरा जब आप उन्हें अच्छे काम के लिए फीडबैक देते हैं, तो वह और भी ज्यादा उस चीज पर काम करने की कोशिश करते हैं और उससे ज्यादा बेहतर काम को दिखाते हैं। 

4 अपने विषय में मास्टर बने (Become a master in your subject)

•आप जिस भी विषय के टीचर है उतनी ज्यादा जरूरी knowledge होनी चाहिए कि, आप बहुत ही आसानी से किसी को भी वह विषय समझा सके और जब तक आपको deep knowledge नही होगी तब तक आप सामने वाले को कुछ नहीं समझा पाएंगे।   

•अब यह मान कर चलिए सामने जो बच्चा बैठा है उसे उस विषय की बिल्कुल भी जानकारी नहीं है, अब आप शुरुआत से समझाना शुरू करें और भी उदाहरण के साथ समझा सकते हैं। 

•उसे स्टूडेंट की उस विषय में रुचि बढ़ेगी, जिससे वह  सवाल करेंगे और सवाल करने से आपके knowledge का भी विस्तार होगा। पढ़ाई आदान-प्रदान की चीज है आपको यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए। 

•जैसे ही एक स्टूडेंट्स अपने teacher से नया कुछ सीखता है वैसे ही एक टीचर भी उस अपने स्टूडेंट से कुछ नया सीखता है। 

5 अपने आप को अपडेट रखें (keep yourself updated)

•आज के डेट में टीचर्स को अपने आप को अप टू डेट रखना बहुत जरूरी है। Technology की दुनिया में स्टूडेंट को नई-नई जानकारी से रूबरू कराने के लिए यह जरूरी है कि पहले टीचर को खुद Technology  की ट्रेनिंग लेनी चाहिए और फिर अपने स्टूडेंट को पढ़ाए  यह भी Teaching Skills के लिए काफी ज्यादा जरूरी है।  

•खास कर के इस टाइम में तो नई विचारों और उदाहरण  के साथ पढ़ाने भी अप टू डेट रहने का एक तरीका है।  

6 नियमों की कढ़ाई जरूर रखें (follow the rules)

Students के साथ दयालु और कोमल बनकर स्टूडेंट के बीच में popural बनना एक चाल है। बल्कि स्टूडेंट आपके दयालुता का लाभ उठाने लगे तो वहां पर समझ जाना चाहिए और नियमों को अनदेखी होने पर कड़ाई से काम करना चाहिए। 

•बच्चों के साथ नरम और कठोर यह दोनों चीजें होनी चाहिए। इससे उनको यह पता होगा कि नियमों का पालन कैसे करें और कब कहां पर किस चीज की जरूरत होती है, उन्हें भली-भांति पता चल जाता है। 

7 बिना भेदभाव के सभी से समान व्यवहार करें ( To treat everyone equally without discrimination)

•अपने किसी भी स्टूडेंट को यह महसूस ना होने दें कि उसके साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा है या भेदभाव हो रहा है। ऐसे में स्टूडेंट को हमेशा यह लगना चाहिए कि उसके पीछे उसके साथ बाकी स्टूडेंट्स की तरह सामान्य व्यवहार कर रहे हैं। ताकि वह अपनी पढ़ाई पर और भी अच्छे से ध्यान दे सके और उसका ध्यान ऐसे सारी waste बातों पर ना जाएं। 

•ऐसा बहुत बार होता है, जब बच्चे ऐसा महसूस करते हैं कि उनके टीचर उनके साथ वह व्यवहार नहीं कर रहे हैं जो बाकी बच्चों के साथ कर रहे हैं। तब उनके दिमाग में काफी चीजें चलने लगती हैं और वह काफी गलत गलत चीजें सोचने लगते हैं तो आपको यहां पर ध्यान रखना है कि जितने भी बच्चे हैं उनके साथ एक सामान्य व्यवहार करें। 

8 बच्चों में सेल्फ स्टीम पैदा करना (To inculcate self esteem in the students )

•यह एक टीचर का भी काम है कि, वह अपने स्टूडेंट के अंदर हीन भावना को बाहर निकाले और उसमें confident पैदा करें। 

•स्कूल और कॉलेज में स्टुडेंट्स कई बार खुद को लेकर यह sure नहीं होते हैं कि, आगे वह कुछ कर पाएंगे या नहीं कर पाएंगे या कि उनकी personality ऐसी है कि कि नहीं है। ऐसे वक्त में टीचर का काम है कि जिंदगी के ऐसे extra ordinary उदाहरण देकर उन्हें समझाएं और उनकी pereonqlity developed करने में उनकी मदद करें। 

“अंत में यही बोलूंगी कि ज्ञान प्रदान करने और जीवन को आकार देने का विशेष अधिकार का आनंद ले” जब आप खुद को शिक्षक के रूप में देखेंगे और सोचेंगे कि आपके जरिए देश के जिम्मेदार और समझदार बच्चे तैयार हो रहे हैं तो आपको अपने काम पर गर्व होगा। 

•एक शिक्षक के रूप में आप अपने हर स्टूडेंट के दूसरे माता-पिता है जो, शिक्षा के माध्यम से उनको सही रास्ते पर चलने को सिखा रहे हैं और यह एक बहुत ही बड़ी जिम्मेदारी है। जिसे आप को प्यार से संभाल कर करना है। अपने कौशल से ऐसे-ऐसे कई सारी बाते आप उनको बताओगे। 

•दोस्तों आशा करती हूं कि यह लेख आपको पसंद आया हो और इस लेख से जुड़ी जानकारी आपको प्राप्त हुई हो। 

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